दिल्ली सल्तनत का इतिहास (सामन्य ज्ञान)

दिल्ली सल्तनत का इतिहास (सामन्य ज्ञान) (Delhi sultanate history in Hindi Language)

कब हुई दिल्ली सल्तनत कि शुरुआत ?

Delhi sultanate (दिल्ली सल्तनत) काल सन 1206 से ले कर सन 1526 तक का है जब यहाँ तुर्क और अफगानियों का शासन था!

दिल्ली सल्तनत (Delhi sultanate) के समय में भारत के इतिहास कि कई प्रमुख घटनाएं हुई हैं जैसे कि कुतुबमीनार का निर्माण, अलाइ के दरवाज़े का निर्माण आदि!

लेकिन दिल्ली सल्तनत कि सबसे महतवपूर्ण घटना जिसने भारत का इतिहास बदल दिया और भारत पर मुगलो का शासन कायम हो गया वो थी पानीपत का पहला युद्ध (1526)

पानीपत का पहला युद्ध दिल्ली सल्तनत के अंतिम शासक इब्राहिम लोदी और बाबर के बीच सन 1526 में लड़ा गया था!

इस युद्ध में बाबर कि जीत हुई और भारत पर मुगलो का कब्ज़ा हो गया!

दिल्ली सल्तनत के बारे में जानने से पहले ये भी जरूर पढ़ लें!

दिल्ली सल्तनत के बारे में जानने से पहले आपको थोड़ा समय में पीछे जा कर कुछ जानकारी और प्राप्त कर लेनी चाहिए की तुर्क और अफगानियों का दिल्ली पर शासन कैसे शुरू हुआ!

मौहम्मद ग़ोरी और पृथ्वीराज चौहान

मौहम्मद गौरी भारत पर लूट के उद्देशय से हमले करता रहता था!

तराइन का पहला युद्ध – 1191

तराइन का पहला युद्ध महाराजा पृत्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के बीच सन 1911 में हुआ था!

दिल्ली पर शासन करने वाले महाराजा पृथ्वीराज चौहान ने मौहम्मद गौरी को तराइन के पहले युद्ध में (First Battle of Tarain) में हरा दिया!

महाराज पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद ग़ोरी को जीवन दान दे दिया और उसको वापिस लौट जाने को कहा!

तराइन का दूसरा युद्ध -1192

सन 1992 में मौहम्मद गौरी ने फिर से भारत पर हमला किया और एक बार फिर महाराजा पृथ्वीराज चौहान ने मौहम्मद गौरी का सामना किया!

लेकिन इस बार जय चंद नाम के राजा ने मौहम्मद गौरी का साथ दिया जिसके कारण तराइन की दूसरी लड़ाई 1192 (second Battle of Tarain) में मौहम्मद गौरी की जीत हुई!

चंदावर का युद्ध – 1194

बाद में मौहम्मद गौरी ने जय चंद को भी सन 1194 में चंदवार की लड़ाई में हरा दिया !

तभी से ही (सन 1192) दिल्ली पर दिल्ली सुल्तनत काल (Delhi Sultanate period) शुरू हो गया जब दिल्ली पर तुर्क और अफगानों का शासन कायम रहा!

भारत का पहला विश्वविद्यालय

नालंदा विश्विद्यालय को नष्ट करने वाला बख्तियार खिलजी

मौहम्मद गौरी की सेना के एक कमांडर जिसका नाम बख्तियार खिलजी था उसने भारत की सबसे पुराने विश्वविद्यालय नालंदा को नष्ट कर दिया!

बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय में रखीं पुस्तकों को भी जला दिया जिसके करण भरा के इतिहास से जुडी बहुत ही अहम् जानकारियां नष्ट हो गई!

ये भी जरूर पढ़ें:- भारत में मुग़ल साम्राज्य का इतिहास

Delhi sultanate history (दिल्ली सल्तनत का इतिहास)

Delhi sultanate history

दिल्ली सल्तनत के राजवंश

क्रम संख्यादिल्ली सल्तनत वंश का नामशासन काल
1गुलाम वंश1206-1290
2खिलजी वंश1290-1320
3तुग़लक़ वंश1320-1414
4सय्यैद वंश1414-1451
5लोदी वंश1451-526

सूरजकुंड मेले का इतिहास

1. ग़ुलाम वंश (Slave Dynasty)
[1206-1290]

ग़ुलाम वंश के प्रमुख शाशक

क्रम संख्याशासक का नामशासन काल
1कुतुबुद्दीन ऐबक1206-1210
2इल्तुतमिश1210-1236
3रजिया सुल्तान1236-1240
4मुइज़ुद्दीन बहरमशाह1240-1242
5अलाउद्दीन मसूदशाह1242-1246
6नासिरुद्दीन मेहमूद1246-1266
7बलबन1266-1286
8कैकुबाद1286-1290

क़ुतुबुद्दीन ऐबक

  • क़ुतुबुद्दीन ऐबक ग़ुलाम वंश का संस्थापक था!
  • मौहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को तराई के दूसरे युद्ध (1192) में हारने के बाद अपने गुलाम कुतुबुद्दीन ऐबक को दिल्ली का राज सिंहासन सौंप दिया!
  • कुतुबुद्दीन ऐबक ने कुतुबमीनार का निर्माण शुरू करवाया था!
  • खेलते समय घोड़े से गिर जाने के कारण कुतुबदीन ऐबक कि मृत्यु हो गई थी

इल्तुतमिश

  • कुतुबद्दीन ऐबक के गुलाम इल्तुतमिश ने दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया!
  • इल्तुतमिश ने राजधानी को लाहौर से दिल्ली शिफ्ट किया!
  • इल्तुतमिश ने ही कुतुबमीनार का निर्माण पूरा करवाया!

रज़िया सुल्तान

  • रज़िया सुल्ताना अकेली महिला थी जो दिल्ली के सिंहासन पर बैठी थी!
  • हरियाणा के कैथल में रज़िया सुल्तान और अल्तुनिया (रजिया सुल्तान के पति) की हत्या कर दी गई थी!
  • हरियाणा के कैथल में ही रज़िया सुल्तान का मकबरा है!

कैकुबाद

  • कैकुबाद गुलाम वंश का अंतिम शाशक था

2. खिलजी वंश (KhilJi Dynasty)
[1290-1320]

क्रम संख्याशासक का नामशासन काल
1जलालुदीन खिलजी1290-1298
2अलाउदीन खिलजी1296-1316
3मुबारक शाह खिलजी1316-1320

जलालुद्दीन खिलजी

  • जलालुद्दीन खिलजी, खिलजी वंश का संस्थापक था! जलालुद्दीन खिलजी का असली नाम मालिक फ़िरोज़ था!
  • सन 1293 में जलालुद्दीन खिलजी ने दक्षिण भारत पर हमला किया! जलालुद्दीन खिलजी ने देवगिरि के राजा राम चंद्र देव पर हमला किया!

अलाउद्दीन खिलजी

  • अलाउद्दीन खिलजी जलालुद्दीन खिलजी(jalaludin khilji) का दामाद और भतीजा था!
  • अलाउद्दीन खिलजी ने ही जलालुदीन खिलजी कि हत्या करके खुद को नया शासक घोषित कर दिया!

अलाउद्दीन खिलजी के शाशन काल में करवाए गए कुछ प्रमुख निर्माण कार्य निम्नलिखित हैं:-

  • हौज खास
  • अलाइ का दरवाज़ा
  • अलाइ मीनार
  • सीरी फोर्ट

कैसे मिला अलाउद्दीन खिलजी को कोहिनूर हिरा

कोहिनूर हिरा
कोहिनूर हिरा
  • अलाउदीन खिलजी के कमांडर मलिक कफूर ने तेलंगाना के राजा प्रताप रूद्र देव पर हमला किया और प्रताप रूद्र देव से ही मलिक कफूर को कोहिनूर हिरा प्राप्त हुआ!
  • फिर मलिक कफूर ने ही कोहिनूर हिरा अलाउद्दीन खिलजी को भेंट किया था!
  • कोहिनूर हिरा हैदराबाद में गोलकुंडा कि खानो से मिला था!

मुबारक शाह खिलजी

मुबारक शाह खिलजी अलाउद्दीन खिलजी का बेटा था और वो खिलजी वंश का अंतिम शासक भी था!

3. तुग़लक़ वंश (Tughlaq Dynasty)
[1320-1325]

क्रम संख्याशासक का नामशासन काल
1गयासुद्दीन तुग़लक़1320-1325
2मोहम्मद बिन तुग़लक़1325-1351
3फ़िरोज़ शाह तुग़लक़1351-1388
4नसीर-उद-दिन महमूद तुग़लक़1394-1414

गियासुद्दीन तुग़लक़

गयासुद्दीन तुग़लक़ ने तुग़लक़ वंश कि शुरुआत कि थी!

मौहम्मद बिन तुग़लक़

मौहम्मद बिन तुग़लक़ गियासुद्दीन तुग़लक़ का बेटा था!

मौहम्मद बिन तुग़लक़ का असली नाम जौना खान था!

कौन था दिल्ली सल्तनत काल का सनकी राजा?

  • मौहम्मद बिन तुग़लक़ को सनकी या पागल राजा भी कहा जाता है!

प्रसिद्ध अफ़्रीकी यात्री इबन-ए-बतूता (Iban-e-Batuta) भी इसी राजा के शासन काल में भारत आया और “रेहला” नाम कि प्रसिद्ध पुस्तक लिखी!

इस पुस्तक के अनुसार मौहम्मद बिन तुग़लक़ ने राजपुताना, कश्मीर और बलूचिस्तान को छोड़ कर पुरे भारत पर कब्ज़ा कर लिया था!

फ़िरोज़ शाह तुग़लक़

फ़िरोज़शाह तुग़लक़ को दिल्ली सल्तनत का अकबर भी कहा जाता है!

फ़िरोज़शाह तुग़लक़ द्वारा 6 नगरों का निर्माण करवाया गया था!

1हिसार
2फतेहाबाद
3फ़िरोज़पुर
4फ़िरोज़ शाह कोटा
5फ़िरोज़ाबाद
6जौनपुर

फ़िरोज़शाह तुग़लक़ ने जूनागढ़ के मंदिर को ध्वस्त करवा दिया था! और ज्वालामुखी मंदिर को लूट लिया गया था!

नसीर-उद-दिन महमूद तुग़लक़

नसरुद्दीन महमूद, तुग़लक़ वंश का अंतिम शासक था!

4. सय्यैद वंश (Sayyed Dynasty)

क्रम संख्याशासक का नामशासन काल
1खिज्र खान1414-1421
2मुबारक शाह1421-1434
3मौहम्मद शाह1434-1445
4अलाउदीन आलम शाह1445-1451

दिल्ली सल्तनत में सैयद वंश का संस्थापक

खिज्रखां सैयद वंश का संस्थापक था!

5. लोदी वंश (Lodhi Dynasty)

क्रम संख्याशासक का नामशासन काल
1बहलोल लोदी1451-1489
2सिकंदर लोदी1489-1517
3इब्राहिम लोदी1517-1526

कौन था लोदी वंश का संस्थापक?

बहलोल लोदी ने दिल्ली सल्तनत पर लोदी वंश की स्थापना की!

सिकंदर लोदी कौन था?

सिकंदर लोदी बहलोल लोदी का बेटा था!

पुर्तगाली व्यापारी वास्को-डी-गमा (vasco-d-gama) भारत सिकंदर लोदी के समय ही आया था!

सन 1504 में सिकंदर लोदी ने यमुना नदी के किनारे आगरा शहर का निर्माण करवाया!

1506 में सिकंदर लोदी ने राजधानी को दिल्ली से आगरा शिफ्ट कर दिया!

दिल्ली सल्तनत का अंतिम शासक कौन था?

इब्राहिम लोदी ही लोदी वंश तथा दिल्ली सल्तनत काल का अंतिम शासक था!

सन 1526 में पानीपत (First battle of Panipat) कि पहली लड़ाई में बाबर ने इब्राहिम लोदी को हरा कर भारत पर मुग़लो का शाशन कायम किया!

सन 1518 में राणा सांगा ने खतौली के युद्ध में इब्राहिम लोदी को पराजित कर दिया था!

Share this

4 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *